पटरियों पर पड़ा हुआ Pendrive – Chapter -II

Footage में दिखा Unknown Face

दरवाज़े के नीचे पसरी हुई वो लंबी काली shadow इतनी अजीब थी कि मेरा पूरा शरीर जैसे पत्थर बन गया था। उस shadow की हर हलचल, हर कंपन, मेरी सांसों को चीर रही थी। मैं न बोल पा रहा था, न हिल पा रहा था। कमरे की tube-light फिर से झपकी—और एक पल को लगा जैसे वो shadow और भी लंबी हो गई हो… जैसे दरवाज़े के बिल्कुल ऊपर तक खड़ी किसी चीज़ ने अपनी गर्दन झुकाई हो। बाहरी corridor में कोई आवाज़ नहीं, कोई चाल नहीं—बस एक गहरी सांस लेने की धीमी-सी आवाज़… जैसे कोई दरवाज़े की दूसरी तरफ कान लगाकर खड़ा हो। रात 12 बज चुके थे। वीडियो में दिखाया गया time—11:47 PM—बस कुछ मिनट पहले ही हुए था। मैं धीरे-धीरे दरवाज़े से पीछे हटता गया, दिल की धड़कन आवाज़ बनकर कमरे में गूँज रही थी। उसी समय मेरा फोन फिर vibrate हुआ। स्क्रीन पर वही unknown नंबर। इस बार message सिर्फ एक लाइन का था—
“Don’t open the door.”
मैं पसीने से भीग चुका था। पर सवाल था—वो जानता कैसे है कि मेरे दरवाज़े पर कोई खड़ा है?
मैं एकदम corner में जाकर खड़ा हो गया, जैसे दीवार से चिपककर invisible हो जाऊँगा। बारिश की आवाज़ बाहर किसी डरावनी धुन जैसी बज रही थी। अचानक तीसरी बार message आया—
“He knows you saw the footage.”
मैं काँप गया।
यह कोई random prank नहीं था।
यह कोई मज़ाक नहीं था।
किसी को real-time में पता था कि मैं अभी क्या कर रहा हूँ, मेरे कमरे के बाहर कौन खड़ा है, और मैंने pendrive में क्या देखा। मैंने हिम्मत करके दरवाज़े के नीचे की तरफ झुककर देखा। shadow वहाँ नहीं थी। जैसे वो अचानक हवा में गायब हो गई हो। मैंने खुद को संभालते हुए peephole से बाहर देखा—corridor में बस faint yellow light थी। कोई इंसान नहीं। कोई आवाज़ नहीं। मैं धीरे से वापस आया और pendrive फिर laptop में लगाया। मुझे जवाब चाहिए था। डर से ज़्यादा curiosity मुझे खींच रही थी। वीडियो को बार-बार pause करके हर फ्रेम चेक करने लगा। 02:13 मिनट पर, background में कुछ ऐसा दिखा जिससे मेरा पूरा शरीर सुन्न हो गया।
फ्रेम के बहुत पीछे, धुंधली दीवार पर एक graffiti लिखा था—
“THE LAST STOP – CST”
ये graffiti दो साल पहले CST स्टेशन की पुरानी लोहे की दीवार पर थी। मैंने खुद इसे देखा था। फिर अचानक नगरपालिका ने उसे पूरी तरह से मिटा दिया था। वक्त के साथ वो दीवार ही हट गई थी। मतलबी लोग, काम करने वाले मजदूर—सबने उसे हटा दिया था।
तो फिर वीडियो में यह दो साल पुराना graffiti कैसे दिखा?
यह crime scene future नहीं… शायद past से जुड़ा था।
या शायद video किसी ऐसे समय का था जो अभी हुआ ही नहीं है।
उसी पल मेरा फोन फिर vibrate हुआ—
Rhea calling…
मैंने फोन उठाया—
“Rhea… I’m in trouble… कुछ बहुत गड़बड़ है…”
“लोग कहते हैं न, रात में कुछ नहीं सोचना चाहिए… तू फिर वही overthinking कर रहा होगा।”
“नहीं Rhea… इस बार सच में कुछ है…”
मैंने उसे pendrive, वीडियो और दरवाज़े की shadow के बारे में बताया। शुरुआत में उसने हँस दिया। “पागल है तू। तू हर चीज़ को thriller बना देता है।”
लेकिन जब मैंने कहा—“Victim: Ayan. Time Left: 4 Hours”—फोन की दूसरी तरफ अचानक उसकी सांस थम गई।
कुछ सेकंड का सन्नाटा।
फिर वो धीमी आवाज़ में बोली—
“Ayan… I think तू मुझे अभी मिल… अभी… कवर भाटी रोड के पास café में…”
वो nervous थी। उसकी आवाज़ में panic था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि उसे कैसे इतना यक़ीन हो गया कि मैं खतरे में हूँ।
मैंने पूछा—“तुझे कैसे पता मैं झूठ नहीं बोल रहा?”
वो कुछ पल चुप रही। फिर बोली—
“क्योंकि 2 हफ्ते पहले… मुझे भी ऐसा ही message आया था।”
मेरे पैरों तले ज़मीन खिसक गई।
मैंने तुरंत jacket पहना, फोन उठाया, और कमरे से निकलने ही वाला था कि फिर मैंने दरवाज़ा खोला… और सामने ज़मीन पर कुछ पड़ा देखा।
एक छोटा, गीला कागज़…
जिस पर marker से लिखा था—
“CST में मत जाना।”
मैंने कागज़ उठाया, हाथ काँप रहे थे। इसका मतलब… कोई अब भी मेरे दरवाज़े पर था। पर कैसे? कब? कौन?
मैं अपनी breathing control करता हुआ building के corridor में भागा। Lift आने में देर लगती, इसलिए सीढ़ियाँ लेने लगा। हर मंज़िल पर पानी के छोटे-छोटे निशान थे—जैसे कोई wet shoes वाला आदमी अभी-अभी उतरा हो।
मैंने पीछे मुड़कर देखा।
कोई नहीं।
नीचे पहुँचा…
Gate खोला…
और पहली बार लगा कि मुंबई की रात इतनी भीड़ होते हुए भी कितनी डरावनी हो सकती है।
Auto लिया और Rhea के café की तरफ निकल पड़ा।
Auto के शीशे पर बारिश की बूंदें गिरकर जैसे किसी Morse-code का pattern बना रही थीं। रास्ते में streetlights flicker कर रही थीं। Footpath पर बैठे homeless लोग भी अजीब तरह से मेरी तरफ देखने लगे। जैसे उन्हें पता हो कि मेरे साथ कुछ है।
Auto वाला बार-बार mirror से मुझे देख रहा था।
“साहब, रात को बाहर निकलना ठीक नहीं होता।”
“क्यों?”
“आज किसी को… किसी आदमी को… लोकल के पास मरा हुआ पाया गया। पुलिस कह रही है कि ये कोई simple death नहीं…”
मैंने बात रोक दी।
Auto वाले ने आगे mirror से देखा—“आप ठीक हो न? चेहरा तो बहुत खराब लग रहा है।”
मैंने कुछ नहीं कहा।
Café के बाहर उतरते ही Rhea मुझे gate पर ही मिल गई। उसके बाल गीले थे, चेहरा डरा हुआ।
“चल अंदर।”
हम café के corner में बैठ गए।
मैंने उससे पूछा—“तुझे message कैसे आया?”
वो मेरी तरफ देखती रही।
कुछ देर बाद बोली—
“2 weeks पहले मुझे रात 1 बजे एक video मिला था… जिसमें तू था।”
“मैं?”
“हाँ… तू… train track के पास खड़ा… और कोई पीछे से तुझे…”
उसकी आवाज़ टूटने लगी।
“और वीडियो के end में लिखा था—
Victim: Rhea
Time Left: 6 Hours.
उस रात मैं घर में छुप गई थी। कुछ नहीं हुआ। मैंने इसे prank माना। पर आज तूने जो बताया… pendrive… footage… वही pattern… अब ये मज़ाक नहीं रहा।”
मेरे सिर में एक भारी लहर दौड़ गई।
मतलब कोई हमारी तरफ खेल रहा था।
कोई जो हमें जानता है।
कोई जो हमारी हर move track कर रहा है।
और तभी—
Café की glass window पर तीन तेज़ धक्कों की आवाज़ आई।
हम दोनों उछल पड़े।
एक आदमी काले raincoat में खड़ा था—बाहर बारिश में भीगा हुआ।
Face दिख नहीं रहा था।
वो धीरे-धीरे अपना हाथ काँच पर रखता है—और उसकी उंगलियों से पानी की बूंदें नीचे फिसलती हैं।
हाथ हटाते ही glass पर कुछ लिखा हुआ दिखाई देता है।
बारिश के पानी से बना एक शब्द—
“RUN”
Rhea चीख पड़ी—“Ayan, पीछे देख!!”
मैं घूमता हूँ—
और café के अंदर ही एक टेबल पर रखा TV खुद-ब-खुद ऑन हो जाता है।
Screen पर वही pendrive वाला video चल रहा है…
लेकिन इस बार background अलग था।
इस बार background में CST का वही पुराना graffiti दिख रहा था…
पर graffiti के ठीक नीचे—
एक आदमी का dead body लेटा हुआ दिख रहा था।
और फुटेज में killer धीरे से camera की तरफ मुड़कर कहता है—
“TIME LEFT: 3 HOURS.”
मैं और Rhea ने एक साथ एक-दूसरे के हाथ पकड़ लिए।
हम café से बाहर भागे—
बारिश अब पहले से 10 गुना तेज़ थी।
सड़क पर गाड़ियों की आवाज़ें मिट चुकी थीं।
हर ओर धुंध, पानी और डर का घना पर्दा।
हम दाएँ मुड़े ही थे कि अचानक Rhea ने मेरा हाथ कसकर पकड़ लिया—
“Ayan… वो देख… दीवार पर…”
मैंने घूमकर देखा—
सड़क किनारे की पुरानी दीवार पर वही graffiti लिखा था—
“THE LAST STOP – CST”
जो आज के मुंबई में exist ही नहीं करता।
पर उससे भी डरावनी बात—
Graffiti के नीचे किसी ने अभी-अभी freshly black paint से लिखा था—
“WELCOME BACK AYAN.”
और paint अभी भी टपक रहा था…
मतलब…
वो आदमी…
killer…
अभी-अभी यहाँ से गया है।

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