Mumbai की आधी रात हमेशा भीगी रहती है—लेकिन उस रात शहर कुछ और ही था। जैसे किसी ने हवा में अदृश्य दहशत घोल दी हो। हर लैंपपोस्ट की रोशनी धुंध में तैर रही थी, हर परछाई किसी को घूरती नज़र आ रही थी। मेरे दिमाग़ में अब सिर्फ एक ही चीज़ गूँज रही थी—डायरी का वो पन्ना, जिस पर लिखा था: “आज रात 11:47 — Bridge No. 7 — Don’t be late.” और उससे भी ज्यादा डरावनी बात—उस पन्ने पर मेरे ही fingerprints थे, जबकि मैंने वो डायरी कभी देखी ही नहीं थी। Rhea मेरे साथ थी, लेकिन उसकी सांस भी काँप रही थी। हम Bridge No. 7 की तरफ बढ़ रहे थे, जो CST के पुराने track system का हिस्सा था—एक ऐसा पुल, जो रात में पूरी तरह deserted रहता है, क्योंकि वहाँ सिर्फ cargo trains गुजरती हैं। हवा इतनी तेज़ थी कि आवाज़ें दूर-दूर तक जा रही थीं। पानी का बहाव नीचे नालों में गूँज रहा था। और सबसे डरावनी बात—जैसे-जैसे हम पुल के करीब पहुँच रहे थे, मेरे मन में एक ही बात बैठती जा रही थी—मैं यहाँ पहले भी आया हूँ।
Rhea ने कहा, “Ayan… यकीन है हमें यहाँ आना चाहिए? ये सब trap भी हो सकता है।”
मैंने कहा, “मुझे जवाब चाहिए। ये killer कौन है? ये वीडियो कैसे हैं? क्यों मैं?”
रात के 11:40। बस 7 मिनट बचे थे।
हम पुल पर चढ़ रहे थे। नीचे से दूर कहीं लोकल ट्रेन की धड़धड़ाहट आ रही थी। लेकिन पुल पर सिर्फ अंधेरा था—एक ऐसा अंधेरा जो इंसान को निगल ले। हवा चल रही थी, लेकिन बीच-बीच में लगता था कि हवा रुक जाती है—जैसे कोई और चीज़ साँस ले रही हो।
पुल के बीचोंबीच जाकर Rhea बोली, “कुछ दिख रहा है?”
मैंने मोबाइल की टॉर्च ऑन की।
और तभी… पुल के बिल्कुल केंद्र में एक CCTV कैमरा लगा दिखा—पुराना, rusted, शायद सालों से चला नहीं। लेकिन उसकी लाल लाइट… हल्की-सी blink कर रही थी।
Rhea ने फुसफुसाया—“यह चालू है…”
मैंने कैमरे की तरफ रोशनी की, और अचानक कैमरा अपने आप left से right घूम गया—ऐसे, जैसे उसे पता हो कि हम यहाँ हैं।
मेरी रीढ़ में ठंडी लहर दौड़ गई।
“Rhea… ये सब किसी ने set किया है… सच में कोई हमें देख रहा है।”
अचानक मेरे फोन में vibration।
Unknown number।
Message—
“Smile for the camera, Ayan.”
मेरे हाथ से फोन लगभग गिर ही गया।
और तभी पुल के उस पार—अंधेरे में—एक आदमी की परछाई दिखी।
पूरी तरह static।
हिल नहीं रहा।
सिर्फ खड़ा था।
टॉर्च की रोशनी उस तक नहीं पहुँच पा रही थी, जैसे अंधेरा उसे निगल रहा हो।
मैं धीरे-धीरे आगे बढ़ा, Rhea ने मेरा हाथ जोर से पकड़ लिया।
“मत जा…”
मैं रुक गया, लेकिन तभी वो परछाई धीरे से एक कदम आगे बढ़ी।
फिर दूसरा।
फिर तीसरा।
अब उसकी figure साफ़ दिख रही थी।
काला raincoat।
चेहरा ढका हुआ।
लेकिन उसका posture… उसका चलने का अंदाज़…
मैंने ये silhouette pendrive वाले वीडियो में देखा था।
कातिल।
अचानक CCTV के नीचे एक स्क्रीन flicker हुई—छोटी सी monitor स्क्रीन—जो शायद रेलवे वालों द्वारा यहाँ छोड़ी गई थी।
स्क्रीन पर एक वीडियो चल रहा था—LIVE FEED।
और उस feed में 3 figures दिख रही थीं—
पुल का वही हिस्सा…
और उसमें मैं।
और Rhea।
और पीछे अंधेरे में खड़ा वही आदमी…
पर स्क्रीन में वो हमसे ज्यादा नज़दीक था।
बहुत नज़दीक।
इतना नज़दीक कि जैसे वह स्क्रीन के अंदर नहीं…
हमारे ठीक पीछे खड़ा हो।
Rhea कांपते हुए बोली—“Ayan… पीछे मत देखना…”
लेकिन इंसान वही करता है जो नहीं करना चाहिए।
मैं धीरे से पीछे मुड़ा—
कोई नहीं।
स्क्रीन पर वो खड़ा था।
रियल में कोई नहीं।
मैंने Rhea को पकड़कर कहा, “ये hallucination है… ये कोई digitally manipulated feed है…”
लेकिन मेरी ही बात मेरी खुद की नसों ने काट दी—
क्योंकि मेरा फोन फिर vibrate हुआ।
Message—
“Turn around. I’m right there.”
अब Rhea की चीख मेरी साँस में मिल गई।
मैंने अचानक टॉर्च ब्लास्ट की तरह घुमाई—
और इस बार…
हम दोनों एकदम freeze।
पुल के दूसरी तरफ…
वो आदमी खड़ा था।
Face अब भी ढका हुआ, पर उसके हाथ में कुछ था—एक पुरानी rusted chain।
अगले ही पल…
उसने अचानक chain को ज़ोर से पटका—धातु की आवाज़ पूरी रात में गूँज उठी।
Rhea चीख पड़ी—“भाग Ayan!”
हम दोनों opposite direction में भागे। हवा हमें धकेल रही थी। पुल की लकड़ी की तख्तें हमारे कदमों के नीचे हिल रही थीं। पीछे chain की drag की आवाज़ आने लगी—चक… चक… चक… जैसे कोई बहुत तेज़ी से पीछा कर रहा हो।
मैंने Rhea को पकड़ा—“जल्दी… उतरते हैं… नीचे जाते हैं!”
हम पुल की रेलिंग के पास पहुंचे जहाँ से नीचे gravel वाली railway track दिख रही थी।
लेकिन जैसे ही मैं रेलिंग के पास पहुँचा…
मेरे फोन में वीडियो अपने आप चल पड़ा—
Pendrive वाला वीडियो।
लेकिन इस बार पूरा वीडियो real-time में मेरे मोबाइल में reflect हो रहा था—
Screen पर वही पुल…
वही अंधेरा…
और वही killer…
लेकिन इस बार वो किसी और को मार रहा था—
Rhea।
Rhea चिल्लाई—“यह झूठ है! यह edited है!”
लेकिन मैं खुद भी नहीं मान पा रहा था।
मैं हड़बड़ा गया—“हम नीचे उतरते हैं—अब!”
हम railings पकड़कर नीचे उतरने लगे।
अचानक एक तेज़ सीटी—
दूर से एक मालगाड़ी आ रही थी।
मैंने Rhea को नीचे धकेला—“फटाफट नीचे!”
हम दोनों track पर कूदे—कंकड़ पैरों में धँस रहे थे, बारिश कीचड़ बना रही थी।
गाड़ी 200 meters दूर थी—तेज़, भारी, unstoppable।
जहाँ हम खड़े थे, वही video में दिखाया गया स्थान था।
पुल के ऊपर से chain की खनखनाहट सुनाई दे रही थी।
Rhea रोने लगी—“Ayan… please… क्या हो रहा है…”
उसी पल दो भयानक truth एक साथ मेरे सामने आए—
पहला:
Video में killer ने जिस exact जगह Rhea को grabbed किया था…
Rhea अभी उसी spot पर खड़ी थी—track के बीचोंबीच।
दूसरा:
मैंने ऊपर देखा—
पुल की railing से झुककर वो आदमी हमें देख रहा था…
और उसके mask के नीचे…
एक चेहरा झलक रहा था—
मेरा चेहरा।
मेरे जैसा ही जबड़ा।
मेरी जैसी आँखें।
मेरे जैसे बाल।
जैसे मेरा एक shadow twin ऊपर खड़ा हो।
Rhea चीख पड़ी—“ये… ये तू है Ayan!!”
मैं सुन्न—“नहीं… यह मैं नहीं…”
लेकिन वो आदमी ऊपर से चिल्लाया—
“TIME LEFT: 1 HOUR.”
मालगाड़ी करीब आ रही थी—सीटी कान फाड़ने लगी।
मैंने Rhea को धक्का देकर बाहर निकाला—
और तभी ऊपर खड़ा वो ‘दूसरा Ayan’ रेलिंग पर चढ़ गया…
लगभग गिरने जैसा—
जैसे उसे खुद को भी marna हो…
या मुझे मारना हो…
गाड़ी 50 meters दूर…
Rhea ने मुझे पकड़ लिया—
“AYAN MOVE!! अभी!!”
गाड़ी की headlight हमारी आँखों में घुस रही थी—
हम दोनों बाईं तरफ कूदे—
गाड़ी thunder की तरह गुजरी—
Track हिलने लगे।
मिट्टी उड़ गई।
धुआँ चारों ओर।
जब गाड़ी निकल गई, तब मैंने ऊपर देखा—
Bridge No. 7…
खाली था।
न killer…
न दूसरा Ayan…
न chain…
कुछ नहीं।
बस पुल के खंभे पर ताज़ा paint से लिखा था—
“NEXT STOP: THE REPEAT.”
और उसके नीचे—
लाल रंग से बनाई गई एक आखिरी लाइन—
“THE FUTURE ALWAYS RETURNS.”
Rhea ने मेरा हाथ मजबूती से पकड़ा।
मैंने फोन देखा—
New message।
“See you soon, Ayan.”
और message sender का नाम—
AYAN (YOU)
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